मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज, मुख्यमंत्री मोहन यादव को सौंपी गई ड्राफ्ट रिपोर्ट; मानसून सत्र में पेश हो सकता है विधेयक

By : hashtagu, Last Updated : July 14, 2026 | 12:17 pm

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee) ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) डॉ. मोहन यादव को यूसीसी का तीन खंडों (Three-Volume Report) वाला ड्राफ्ट (Draft) रिपोर्ट सौंप दिया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर तैयार विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।

रिपोर्ट में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक कानूनों से जुड़े विभिन्न प्रावधानों को एक समान कानूनी ढांचे में लाने का प्रस्ताव किया गया है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की भी सिफारिश की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ‘एक देश, एक कानून’ की भावना के अनुरूप आगे बढ़ रही है। उन्होंने पहले ही संकेत दिए थे कि यूसीसी विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में लाया जाएगा और सरकार इसे पारित कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता लाना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है। वहीं, जनजातीय समुदायों की पारंपरिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए उन्हें कानून के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

यदि विधानसभा के मानसून सत्र में यह विधेयक पारित हो जाता है तो उत्तराखंड और गुजरात के बाद मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा।