छत्तीसगढ़ विधानसभा में पहले दिन भारी हंगामा, तीजन बाई को श्रद्धांजलि के बाद राममंदिर चंदा विवाद पर सदन स्थगित, कांग्रेस 14 जुलाई को लाएगी अविश्वास प्रस्ताव

By : hashtagu, Last Updated : July 13, 2026 | 3:10 pm

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र (Monsoon Session) सोमवार से शुरू हो गया, जो 17 जुलाई तक चलेगा। सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से सम्मानित पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक संवेदना (Condolence) व्यक्त करने के साथ हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विपक्ष ने डॉ. तीजन बाई के नाम पर राज्य स्तरीय पुरस्कार शुरू करने की मांग भी की। इसके बाद राममंदिर चंदा प्रकरण (Ram Mandir Donation Row) को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने अयोध्या राममंदिर चंदा प्रकरण को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। दोनों पक्षों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

17 जुलाई तक चलने वाले इस मानसून सत्र में सरकार नौ महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं विपक्ष ने शुरुआत से ही सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है। कांग्रेस विधायक नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। इसके अलावा किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था, बिजली बिल में बढ़ोतरी, नशे का कारोबार और रेत माफिया जैसे मुद्दों को भी सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

सत्र शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के रायपुर स्थित निवास पर कांग्रेस विधायक दल की मैराथन बैठक हुई। बैठक में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया गया। कांग्रेस ने सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस 14 जुलाई को विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि रेत माफिया का आतंक, नशे का बढ़ता कारोबार, शराब की समस्या, बिजली बिल में बढ़ोतरी और कानून-व्यवस्था की स्थिति सरकार की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि नवा रायपुर के नकटी गांव में गरीबों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।

वहीं संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए कहा कि असली अविश्वास तो जनता ने कांग्रेस के प्रति जताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव, नगरीय निकाय चुनाव और उपचुनावों में लगातार मिली हार यह साबित करती है कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है। कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के विधायक खुद यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनका अविश्वास प्रस्ताव सरकार के खिलाफ है या फिर पार्टी के भीतर चल रही आपसी खींचतान और कलह का परिणाम है।