जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, उम्रकैद पर 23 अप्रैल को होगी बड़ी सुनवाई

By : dineshakula, Last Updated : April 20, 2026 | 3:23 pm

नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी (Amit Jogi) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने CBI (CBI) की अपील (appeal) को अनुमति देते हुए मामले की संयुक्त सुनवाई 23 अप्रैल को तय कर दी है।

अमित जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई थी। पहला आदेश जिसमें सीबीआई को अपील करने की मंजूरी दी गई और दूसरा हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अब दोनों मामलों को एक साथ जोड़ते हुए एक ही दिन सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

इससे पहले हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को अमित जोगी को आईपीसी की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही उन्हें तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश भी दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अमित जोगी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग ने पक्ष रखा।

सुनवाई के बाद अमित जोगी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है और अब 23 अप्रैल को संयुक्त सुनवाई होगी। उन्होंने अपनी कानूनी टीम का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।