छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की चिंताजनक स्थिति: 3 साल में 38 हाथियों और 9 बाघों की मौत, विधानसभा में सामने आए आंकड़े

By : hashtagu, Last Updated : March 10, 2026 | 4:12 pm

रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र (Budget Session) के दौरान राज्य में वन्यजीवों (Wildlife) की मौत का मुद्दा सदन में उठा। कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश के सवाल के जवाब में वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 38 हाथियों (Elephants) और 9 बाघों (Tigers) की मौत हुई है। इसके अलावा 562 वन्यजीवों की अस्वाभाविक मौत (Unnatural Death) के मामले भी सामने आए हैं।

सदन में दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 से लेकर अब तक हाथियों की मौत के कई मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2024 में सबसे अधिक 18 हाथियों की मौत हुई, जिनमें रायगढ़ में 4, कोरबा में 1, बलरामपुर में 3, उदंती‑सीतानदी टाइगर रिजर्व में 1, सूरजपुर में 3, धमतरी में 1, बिलासपुर में 1, धरमजयगढ़ में 3 और सरगुजा एलीफेंट रिजर्व में 1 हाथी की मौत शामिल है।

वन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में 16 हाथियों की मौत दर्ज की गई। इनमें रायगढ़ वन मंडल में 7, धरमजयगढ़ में 4, कोरबा में 2 तथा बलरामपुर, सूरजपुर और कटघोरा में एक‑एक हाथी की मौत हुई। वहीं वर्ष 2026 में अब तक दो हाथियों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक उदंती‑सीतानदी टाइगर रिजर्व और एक रायगढ़ वन मंडल का मामला शामिल है।

बाघों की मौत के आंकड़े भी सदन में सामने आए। मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कुल 9 बाघों की मौत हुई है। इनमें 2024 में सारंगढ़‑बिलाईगढ़ वन मंडल और कोरिया में एक‑एक बाघ की मौत दर्ज हुई। वर्ष 2025 में अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक, नंदनवन वन सफारी में दो, अचानकमार‑अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व में दो और सूरजपुर में एक बाघ की मौत हुई। वहीं वर्ष 2026 में अब तक अचानकमार टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत का मामला सामने आया है।

विधानसभा में इन आंकड़ों के सामने आने के बाद राज्य में वन्यजीव संरक्षण और जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी विधायकों ने वन्यजीवों की लगातार हो रही मौत पर चिंता जताते हुए सरकार से इस पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।