अमित शाह का बड़ा ऐलान- गुंडाधुर की धरती बनेगी तीर्थस्थल, बस्तर के 50 साल का नुकसान 5 साल में भरेंगे

उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीनों में सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से पूरे इलाके का माहौल बदल गया है और अब यह क्षेत्र फिर से आदिवासियों की खुशहाल जिंदगी की ओर लौटता दिखाई दे रहा है।

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  • Updated On - May 18, 2026 / 11:31 PM IST

जगदलपुर/नेतानार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के बाद पहली बार बस्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों ने पिछले 50 सालों में जो नुकसान झेला है, उसकी भरपाई केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले 4 से 5 सालों में करेगी। शाह ने कहा कि जब तक बस्तर पूरी तरह विकसित नहीं होगा, तब तक सरकार का संकल्प अधूरा रहेगा।

नेतानार में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीनों में सुरक्षा बलों और सरकार के प्रयासों से पूरे इलाके का माहौल बदल गया है और अब यह क्षेत्र फिर से आदिवासियों की खुशहाल जिंदगी की ओर लौटता दिखाई दे रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि इसी धरती से अमर शहीद गुंडाधुर ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। अब सरकार इस ऐतिहासिक भूमि को एक तीर्थस्थल (Pilgrimage Site) के रूप में विकसित करेगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां आदिवासी वीरों के संघर्ष और बलिदान को जान सकें।

अमित Shah ने नक्सल हिंसा के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब यहां एक साथ 6 पुलिस जवानों की हत्या कर दी जाती थी। स्कूलों को तबाह कर दिया जाता था और गरीबों का राशन तक लूट लिया जाता था। उन्होंने कहा कि नक्सली मासूम बच्चों को जबरन उठा ले जाते थे और पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अब कड़े कदम उठाकर बस्तर से इस ‘गनतंत्र’ को खत्म करने का काम किया है। सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और विकास योजनाओं के कारण अब बस्तर तेजी से बदल रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि अब आदिवासी बच्चों को वही आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों में उपलब्ध थीं। गांवों तक साफ पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। लोगों के आधार कार्ड और राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। साथ ही गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा भी दी जा रही है।

नेतानार कार्यक्रम के बाद अमित शाह जगदलपुर के आसना स्थित बादल अकादमी पहुंचे। यहां बीएसएफ (BSF), सीआरपीएफ (CRPF), आईटीबीपी (ITBP), एनआईए (NIA), एसएसबी (SSB) और एनटीआरओ (NTRO) के अधिकारियों और जवानों का सम्मान किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ के एडीजी विवेकानंद सिन्हा और बस्तर आईजी सुंदरराज पी को भी सम्मानित किया गया।

बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में शामिल जवानों ने गृह मंत्री से मुलाकात कर हालिया ऑपरेशन की जानकारी दी। जवानों ने बसवाराजू समेत 38 नक्सलियों के एनकाउंटर के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी अपना दर्द साझा किया। जगरगुंडा की रहने वाली जानकी कश्यप ने बताया कि नक्सलियों ने उनकी आंखों के सामने उनके देवर समेत 7-8 लोगों की हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि पहले गांव जाना भी मुश्किल था, लेकिन अब पुलिस कैंप और सड़कों के निर्माण से हालात बदल गए हैं।

शहीद जवान की बहन पिंकी सेठिया ने कहा कि अब जंगलों में ड्यूटी कर रहे जवानों के परिवारों को पहले जैसा डर नहीं रहेगा, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।

इससे पहले अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में डायल 112 सेवा के लिए 400 नए हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब क्राइम, मेडिकल इमरजेंसी और आगजनी जैसी घटनाओं में एक ही नंबर पर तुरंत मदद उपलब्ध होगी।

अपने दौरे के अंतिम चरण में अमित शाह जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होकर विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।