आत्मसमर्पण करने वालों का होगा सम्मानजनक पुनर्वसन, हथियार उठाने वालों को मिलेगा कड़ा जवाब: अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में शामिल सभी सुरक्षाबलों को बस्तर की जनता की ओर से धन्यवाद है और शहीद जवानों के परिवारों के प्रति सरकार कृतज्ञ है।

  • Written By:
  • Publish Date - February 9, 2026 / 08:10 PM IST

रायपुर, 09 फरवरी 2026: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने स्पष्ट कहा है कि जो नक्सली आत्मसमर्पण (surrender) करेंगे, सरकार उनका सम्मान के साथ पुनर्वसन (rehabilitation) करेगी, लेकिन जो लोग हाथ में हथियार (arms) लेकर हिंसा करेंगे, उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्दोष आदिवासियों, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नक्सलवाद (naxalism) को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले वही बस्तर मोर्टार, बंदूक की गोलियों और आईईडी (IED) धमाकों से दहशत में रहता था, लेकिन आज उसी बस्तर में 55 हजार से अधिक लोग खान-पान, गीत, नृत्य, नाटक, वेशभूषा, परंपरा और वन औषधि जैसी 12 विधाओं के माध्यम से अपनी संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि पिछली बार बस्तर पंडुम में 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं हुई थीं, जबकि इस बार 5 नई विधाएं जोड़कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय संस्कृति को और सशक्त किया है। इस आयोजन में 7 जिलों, 1885 ग्राम पंचायतों और 32 जनपद मुख्यालयों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर की कला और संस्कृति दुनिया के किसी भी जनजातीय क्षेत्र से अलग और अनूठी है। यह केवल बस्तर की नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के समय से यहां की जनजातियों ने अपनी संस्कृति को संजोकर रखा है और आने वाले समय में बस्तर के नृत्य राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद से नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध संस्कृति और विरासत से होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जनजातीय सम्मान के लिए भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और 150वीं जयंती वर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किया गया।

अमित शाह ने बताया कि बस्तर पंडुम की सभी 12 विधाओं में पहले तीन स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों को राष्ट्रपति भवन में भोजन पर आमंत्रित करने का अनुरोध किया गया है, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है। यह बस्तर के कलाकारों के लिए बड़े सम्मान की बात है।

नक्सलवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जो लोग गांवों में गोली चलाएंगे, खेतों और सड़कों पर आईईडी लगाएंगे, स्कूल और अस्पताल जलाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों, खासकर युवतियों और बच्चियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की और कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का पुनर्वसन पैकेज बेहद आकर्षक है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में अब कर्फ्यू जैसा माहौल नहीं है, गांवों में रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। बंद पड़े स्कूल, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र फिर से शुरू किए गए हैं। आने वाले पांच वर्षों में बस्तर को सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाया जाएगा। सड़क, मोबाइल टावर, पोस्ट ऑफिस, बैंक, सिंचाई, रेल परियोजनाएं और उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में शामिल सभी सुरक्षाबलों को बस्तर की जनता की ओर से धन्यवाद है और शहीद जवानों के परिवारों के प्रति सरकार कृतज्ञ है। उन्होंने दोहराया कि तय समय सीमा में बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त होगा।