भिलाई, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) से जुड़ा एक कथित AI वीडियो (AI video) सोशल मीडिया (social media) पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में उन्हें पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया (Soumya Chaurasia) के साथ दिखाया गया है, जिसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिले के अलग-अलग 8 थानों में शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जिस इंस्टाग्राम पेज (Instagram page) पर यह वीडियो अपलोड किया गया था, उसके संचालक के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो ‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया था। मामला सामने आने के बाद इन दोनों आईडी को बैन कर दिया गया है और प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। हालांकि अब तक इन अकाउंट्स को चलाने वाले लोगों की पहचान नहीं हो पाई है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इस वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत केस दर्ज किया है।
इससे पहले रविवार 26 अप्रैल को कांग्रेस नेताओं ने एसएसपी विजय अग्रवाल से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सोमवार को जिले के कई इलाकों—जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, नंदिनी नगर अहिवारा, जामुल, धमधा, अंडा, जेवरा सिरसा और रानीतराई—में कांग्रेस कार्यकर्ता थानों पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए साइबर टीम (cyber team) को लगाया है, जो यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कहां बनाया गया और किसने सबसे पहले इसे पोस्ट किया। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में राज्य महिला आयोग (State Women Commission) ने भी स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने इसे गंभीर और संवेदनशील मामला बताते हुए दुर्ग एसएसपी को पत्र लिखा है और साइबर सेल को वीडियो की तकनीकी जांच कर असली स्रोत का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
महिला आयोग ने साफ कहा है कि तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करना, खासकर महिलाओं से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री बनाना, गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जरूरी है।