नेहरू बनाम मोदी पर छिड़ा सियासी संग्राम, टंकराम वर्मा ने भूपेश बघेल को दिया करारा जवाब

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल की तुलना का मुद्दा उठाया।

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  • Publish Date - June 11, 2026 / 05:25 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तुलना को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा (Tankram Verma) ने भूपेश बघेल के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्र सरकार की उपलब्धियों और कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए हैं।

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल की तुलना का मुद्दा उठाया। बघेल ने कहा कि वर्ष 1947 से 1952 के बीच का कार्यकाल भी पूरी तरह वैध लोकतांत्रिक व्यवस्था (Democratic System) और निर्वाचित शासन (Elected Government) का हिस्सा था, जिसे इतिहास से अलग नहीं किया जा सकता। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई।

भूपेश बघेल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केवल भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है और देश की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

टंकराम वर्मा ने कहा कि लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का नेतृत्व करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में चुनाव किसी परिवार या पार्टी के नाम पर नहीं बल्कि व्यक्ति के काम, नेतृत्व क्षमता और जनता के विश्वास के आधार पर जीते जाते हैं।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वर्मा ने कहा कि देशभर में पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा या भाजपा समर्थित सरकारें हैं, जबकि कांग्रेस लगातार राजनीतिक रूप से सिमटती जा रही है। वर्मा ने कहा कि जो पार्टी कभी पूरे देश की राजनीति पर प्रभाव रखती थी, आज वह अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है।

मंत्री वर्मा ने प्रदेश में खाद और बीज की उपलब्धता, बस्तर के विकास, नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान तथा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध करा रही है तथा बस्तर में विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

नेहरू और मोदी की तुलना को लेकर शुरू हुई यह बहस अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुकी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस मुद्दे पर अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में उतर गई हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।