रायपुर, छत्तीसगढ़: महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) और नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विरोध कार्यक्रम तेज हो गया है। रायपुर में जनआक्रोश यात्रा (Protest Rally) निकालने के बाद अब 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जनआक्रोश महिला सम्मेलन (Mahila Sammelan) आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन (Effigy Burning) कार्यक्रम होंगे और 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र (Special Session) भी प्रस्तावित है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किए जाने से प्रदेश की मातृशक्ति में भारी आक्रोश है। इसी को देखते हुए पार्टी ने अलग-अलग चरणों में विरोध कार्यक्रम तय किए हैं। 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित कर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम किए जाएंगे, जिसमें पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
इससे पहले महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने के विरोध में भाजपा ने राजधानी रायपुर में जनआक्रोश रैली निकाली थी। भाजपा महिला मोर्चा की यह रैली बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी रैली में शामिल हुए थे।
27 अप्रैल को छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित होगा। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून और डिलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाएगी। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे “दुखी मन” से अपनी बात रख रहे हैं और उनके अनुसार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रवैये के कारण पूरा नहीं हो सका। भाजपा इस मुद्दे को लेकर प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में प्रदर्शन कर रही है।
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पास नहीं हो सका। बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। इस विधेयक में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था।