बेटे के जन्मदिन पर जेल से छूटे चैतन्य बघेल, 170 दिन बाद घर लौटे; भूपेश बघेल खुद कार चलाकर लेने पहुंचे

By : hashtagu, Last Updated : January 4, 2026 | 9:19 am

रायपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल (Chaitanya Baghel) 170 दिन बाद शनिवार को सेंट्रल जेल से रिहा होकर घर पहुंचे। खास बात यह रही कि जिस बेटे के जन्मदिन पर उनकी गिरफ्तारी हुई थी, उसी बेटे के जन्मदिन पर उन्हें जेल से रिहाई मिली। चैतन्य को रिसीव करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद कार चलाकर जेल परिसर पहुंचे। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी मौजूद थे।

चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था। शनिवार शाम करीब 4 बजे जैसे ही उनके जेल से बाहर आने की सूचना मिली, वैसे ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सेंट्रल जेल के बाहर जमा हो गए। ढोल-नगाड़ों के साथ नारेबाजी हुई और माहौल उत्सव जैसा बन गया। जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं ने चैतन्य को फूल-मालाओं से लाद दिया और कंधे पर बैठाकर स्वागत किया।

बेटे को जमानत मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सच का रास्ता है, इस रास्ते पर लड़ेंगे भी, चलेंगे भी और जीतेंगे भी। भूपेश बघेल ने भावुक होते हुए कहा कि आज उनके पोते के जन्मदिन पर बेटे की रिहाई हुई है, यह उनके परिवार के लिए खास दिन है।

वहीं चैतन्य बघेल ने जेल से बाहर आने के बाद न्यायालय का आभार जताया और अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था।

चैतन्य बघेल को जमानत दिलाने में उनकी कानूनी टीम ने दो मजबूत तर्क पेश किए। पहले तर्क में बताया गया कि ईडी और ईओडब्लू दोनों मामलों में पप्पू बंसल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और सिर्फ बयान लिया गया। इसे जांच एजेंसियों की ‘पिक एंड चूज’ नीति बताया गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठता है। दूसरे तर्क में ईओडब्लू मामले में आगे की जांच के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति नहीं लेने की बात रखी गई। इन दोनों आधारों को कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए चैतन्य बघेल को जमानत दी।