रायपुर: छत्तीसगढ़ में आदिवासी छात्रों के लिए शिक्षा और आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने 10.30 करोड़ रुपये की लागत (Cost) से 200 सीटर छात्रावास (200-Seater Hostel) और आवासीय परिसर (Residential Complex) के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों (Tribal Areas) के विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
नई परियोजना के तहत छात्रावास में 200 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर का भी निर्माण किया जाएगा। भवन में विद्यार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
सरकार का मानना है कि इस छात्रावास के बनने से दूर-दराज और वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सुविधा होगी। खासकर ऐसे छात्र, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए अपने गांव से बाहर आना पड़ता है, उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य सरकार लगातार आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और आवासीय विद्यालयों का विस्तार कर रही है। केंद्र सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पहले से 482 छात्रावासों में 32,146 सीटें स्वीकृत हैं। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत नए छात्रावासों के निर्माण को भी मंजूरी दी जा रही है ताकि शिक्षा का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच सके।
सरकार का कहना है कि नए छात्रावास और आवासीय परिसर के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल छोड़ने की दर कम करने में भी मदद मिलेगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह परिसर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और विद्यार्थियों की आवासीय जरूरतों को पूरा करेगा।