छत्तीसगढ़ के 50 नक्सल मुक्त गांवों को मिलेगी ₹1-1 करोड़ की सौगात, सुकमा के 20 गांव भी शामिल

इस योजना की जानकारी उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी।

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 12:07 AM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) ने नक्सल मुक्त (Naxal-Free) गांवों के विकास (Development) को नई गति देने का फैसला किया है। राज्य सरकार ऐसे गांवों में ‘नक्सल मुक्त प्रस्ताव’ पारित कर प्रत्येक गांव को 1-1 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी। इस राशि का उपयोग बुनियादी विकास कार्यों के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका (Livelihood) बढ़ाने वाली योजनाओं पर किया जाएगा। शुरुआती चरण में प्रदेश के 50 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें सुकमा के 20, बीजापुर के 20 और नारायणपुर जिले के 10 गांव शामिल हैं।

इस योजना की जानकारी उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को तेज करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिल सकें।

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल मामलों में जेल में बंद ऐसे आरोपियों, जिनके खिलाफ गंभीर जनहानि के मामले नहीं हैं, उनके प्रकरणों की विधिसम्मत समीक्षा कर रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इसके लिए प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जाएगी।

विजय शर्मा ने निर्देश दिए कि 15 अगस्त 2026 को सभी नक्सल मुक्त हो चुके गांवों में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, विश्वास और जनभागीदारी का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाना है।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी नक्सल पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई हैं, वहां सामुदायिक स्मारकों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि शहीद जवानों और पीड़ितों की स्मृतियों को सम्मान दिया जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नक्सली घटनाओं में शहीद हुए जवानों के परिजनों को शासन की सभी निर्धारित सुविधाएं समय पर मिलें। उन्होंने जिलावार नक्सली घटनाओं, शहीद जवानों, मृत नागरिकों, उनके परिजनों को दी गई सहायता और लंबित मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की।