दतिया उपचुनाव: टिकट नहीं मिलने पर पहली बार बोले डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कार्यकर्ताओं से कहा- पार्टी के फैसले का सम्मान करें

भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। टिकट की घोषणा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी खुलकर सामने आई।

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  • Publish Date - July 12, 2026 / 12:10 AM IST

दतिया (मध्य प्रदेश): दतिया विधानसभा उपचुनाव (By-Election) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) को टिकट नहीं मिलने के बाद पहली बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं (Workers) से भावुक अपील करते हुए कहा कि पार्टी के निर्णय (Decision) का सम्मान करें और ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचे।

भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। टिकट की घोषणा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी खुलकर सामने आई। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए और समर्थक सड़कों पर उतर आए। इस दौरान ग्वालियर-झांसी हाईवे पर जाम लगा दिया गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ।

टिकट को लेकर नाराजगी का असर भाजपा संगठन के भीतर भी देखने को मिला। जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। चुनाव से पहले संगठन में पैदा हुई इस स्थिति को भाजपा के लिए चुनौती माना जा रहा है।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है। सभी कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।

वहीं भाजपा नेतृत्व भी लगातार यह संदेश दे रहा है कि पार्टी का फैसला अंतिम है और सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को मतभेद भुलाकर अधिकृत उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर चुनाव प्रचार करना चाहिए। पार्टी अब नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिशों में जुटी हुई है।