बस्तर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर अंचल में 77वें गणतंत्र दिवस पर एक ऐतिहासिक पल देखने को मिलेगा। आजादी के बाद पहली बार बस्तर के 41 गांवों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा (Tricolour) फहराया जाएगा और गणतंत्र दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह बदलाव इन इलाकों के नक्सलमुक्त (Naxal Free) होने के बाद संभव हो पाया है।
इन 41 गांवों में बीजापुर जिले के 13 गांव, नारायणपुर के 18 गांव और सुकमा के 10 गांव शामिल हैं। दशकों तक नक्सलियों के डर और हिंसा के साए में रहने वाले इन गांवों में पहली बार ग्रामीण खुले तौर पर राष्ट्रीय पर्व मना पाएंगे।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, इन इलाकों में सुरक्षा कैंप (Security Camps) स्थापित होने से हालात बदले हैं। सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई और विकास योजनाओं के कारण ग्रामीणों में भरोसा बढ़ा है और लोकतंत्र (Democracy) से जुड़ाव मजबूत हुआ है।
बीजापुर के कर्रगुट्टा पहाड़ी क्षेत्र में भी पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा, जिसे कभी नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता था। यह कदम न केवल सुरक्षा बलों की सफलता को दर्शाता है, बल्कि संविधान, कानून का शासन (Rule of Law) और शांति की जीत का प्रतीक भी है।
प्रशासन ने सभी गांवों में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्थानीय लोगों में उत्साह है और बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग पहली बार खुले मैदानों में तिरंगा फहराते हुए राष्ट्रीय पर्व मनाने को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
