छत्तीसगढ़ बजट सत्र 2026: कवासी लखमा ने भाजपा नेताओं को गले लगाया, आर्थिक सर्वेक्षण पेश, 532 नक्सली न्यूट्रलाइज्ड का दावा
By : hashtagu, Last Updated : February 23, 2026 | 2:18 pm
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Legislative Assembly) के बजट सत्र (Budget Session) की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल (Governor) के अभिभाषण (Address) से हुई। राज्यपाल रमेन डेका ने सदन को संबोधित करते हुए सरकार के विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रायपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाया जाएगा और पिछले दो वर्षों में 532 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज्ड (Neutralized) किया गया है। जिलों में नालंदा लाइब्रेरी, शहरों में स्टेडियम और रिंग रोड बनाने की योजना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
लंबे समय तक जेल में रहने के बाद पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा सदन पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेताओं अजय चंद्राकर, रामविचार नेताम और धर्मजीत सिंह को गले लगाकर अभिवादन किया। इस दौरान अजय चंद्राकर ने उनकी पीठ थप-थपाई। सदन में यह दृश्य चर्चा का विषय रहा।
नवीन विधानसभा भवन में नवयुग का बजट!!
24 फरवरी 2026 का सूरज छत्तीसगढ़ के सुनहरे भविष्य का साक्षी बनेगा। लोकतंत्र के मंदिर, नवीन विधानसभा भवन में पहली बार राज्य का बजट प्रस्तुत किया जाएगा।
हर क्षेत्र की प्रगति और हर वर्ग के विकास को नई गति देने वाला यह बजट, विकसित भारत के साथ… pic.twitter.com/9ligeCyZJs
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) February 23, 2026
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर 25 फरवरी को चर्चा होगी। पहले दिन की कार्यवाही के बाद सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र से पहले विधानसभा परिसर में स्पीकर रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, डिप्टी सीएम अरुण साव सहित मंत्री और समिति सदस्य मौजूद रहे।
सरकार के अनुसार इस बार का बजट गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और उद्योग पर केंद्रित रहेगा। युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पीएम सूर्यघर और आयुष्मान योजना के लिए भी बड़े प्रावधान का प्रस्ताव है।
कवासी लखमा शराब घोटाले से जुड़े मामले में करीब एक साल तक जेल में रहे। 3 फरवरी को उच्च न्यायालय से उन्हें अंतरिम जमानत मिली। इसके बाद 7 फरवरी को विधानसभा ने उनका अभिमत मांगा और 2026 में उन्होंने सहमति दी। तय शर्तों के आधार पर उन्हें सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
विधानसभा ने स्पष्ट किया है कि लखमा को सदन में आने-जाने की पूर्व सूचना सचिव को देनी होगी। उनकी आवाजाही दर्ज की जाएगी और वे अपने क्षेत्र का दौरा नहीं कर सकेंगे। सत्र के दौरान वे किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। सबसे अहम शर्त ‘नो स्पीच’ है। वे अपने मामले से जुड़े किसी विषय पर बयान या टिप्पणी नहीं करेंगे। यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ तो अनुमति तत्काल रद्द कर दी जाएगी। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सदन में भी इस विषय पर चर्चा नहीं होगी।
सत्र के दौरान दो अहम विधेयक भी लाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026। इन विधेयकों पर राजनीतिक बहस की संभावना है।
बजट सत्र के लिए अब तक 2813 प्रश्नों की सूचना मिली है, जिनमें 1376 तारांकित प्रश्न हैं। 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, नियम 139 के तहत 1 अविलंबनीय चर्चा, 13 अशासकीय संकल्प, शून्यकाल की 9 सूचनाएं और 112 याचिकाएं भी प्राप्त हुई हैं। इससे साफ है कि सरकार को कई मुद्दों पर जवाब देना होगा।
वित्तीय और राजनीतिक रूप से अहम यह सत्र अगले एक महीने तक राज्य की राजनीति का केंद्र रहेगा। सरकार अपने बजट के जरिए प्राथमिकताएं रखेगी, जबकि विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है।




