सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा में मुख्यमंत्री ने नक्सल पुनर्वास केंद्र (rehabilitation centre) का दौरा किया और बड़ा बयान देते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र में अब तक 2392 माओवादी (Maoists) आत्मसमर्पण (surrender) कर चुके हैं। सरकार की पुनर्वास (rehabilitation) नीति के तहत इन्हें मुख्यधारा (mainstream) से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्र में रह रहे पूर्व माओवादियों से मुलाकात की और उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद खत्म करना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को समाज में सम्मानजनक जीवन देना भी है।
राज्य सरकार की योजना के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। यह पहल नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार बढ़ते आत्मसमर्पण यह संकेत देते हैं कि लोग अब हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और शांति की ओर बढ़ना चाहते हैं। सरकार भी उन्हें हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।