छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: धान के साथ दलहन-तिलहन और मोटे अनाज की खेती पर किसानों को ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता

सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत इन वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 06:16 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है। सरकार ने धान के साथ-साथ दलहन (Pulses), तिलहन (Oilseeds), मक्का (Maize), कोदो (Kodo Millet), कुटकी (Little Millet) और रागी (Ragi) जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है।

सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत इन वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ अन्य लाभकारी फसलों की ओर भी प्रेरित करना है।

सरकार का मानना है कि फसल विविधीकरण से खेती की लागत और जोखिम कम होगा, किसानों को बेहतर आमदनी के अवसर मिलेंगे तथा कृषि अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनेगी। साथ ही मोटे अनाज, दलहन और तिलहन के उत्पादन में वृद्धि से पोषण सुरक्षा और बाजार की मांग को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार का कहना है कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने के लिए फसल विविधीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना के तहत प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाएं।