छत्तीसगढ़ DMF घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 9 ठिकानों पर छापे; करोड़ों के लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज

एजेंसी को संदेह है कि सरकारी धन के उपयोग में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां की गईं और कुछ ठेकेदारों तथा संबंधित लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 02:49 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering), वित्तीय अनियमितताओं (Financial Irregularities) और DMF फंड के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई। जांच एजेंसी ने छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जब्त किए हैं।

ED की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जिला खनिज न्यास (District Mineral Foundation) के तहत विकास कार्यों के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया और क्या ठेके आवंटन एवं भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई। एजेंसी को संदेह है कि सरकारी धन के उपयोग में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां की गईं और कुछ ठेकेदारों तथा संबंधित लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

जानकारी के अनुसार, ED ने जिन ठिकानों पर कार्रवाई की है, वे कथित तौर पर इस मामले से जुड़े ठेकेदारों, कारोबारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन के प्रमाण जुटाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

DMF घोटाले की जांच पहले दर्ज एफआईआर और आर्थिक अपराध अन्वेषण एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के लिए बनाए गए फंड के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुई हो सकती हैं। इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

ED की यह ताजा कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई आर्थिक मामलों और कथित घोटालों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।

फिलहाल ED ने मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसी की इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित वित्तीय मामलों में से एक माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे सामने आने की संभावना है।