छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से महंगी होगी बिजली, घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ, जानिए कितना बढ़ेगा आपका बिल

आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी उपभोक्ता वर्गों में औसतन 1.89 प्रतिशत बिजली दर बढ़ाने का फैसला किया है।

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 11:13 PM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई से अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों (Electricity Tariff) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 जुलाई से लागू (Effective) होंगी, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic Consumers) सहित विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ (Financial Burden) पड़ेगा।

आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी उपभोक्ता वर्गों में औसतन 1.89 प्रतिशत बिजली दर बढ़ाने का फैसला किया है। आयोग के अनुसार बिजली कंपनियों के राजस्व अंतर (Revenue Gap) को पूरा करने के लिए यह वृद्धि की गई है। बिजली वितरण कंपनी ने बड़े राजस्व घाटे का दावा किया था, जबकि आयोग ने 523.43 करोड़ रुपये के राजस्व अंतर को मंजूरी दी और उसकी भरपाई के लिए दरों में वृद्धि का निर्णय लिया।

नई व्यवस्था के तहत निम्न मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, जबकि अन्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर हर महीने आने वाले बिजली बिल पर दिखाई देगा।

आयोग का कहना है कि बिजली की आपूर्ति लागत लगातार बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए औसत आपूर्ति लागत 7.02 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। वहीं उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली मौजूदा दरें इससे कम हैं, जिसके कारण बिजली कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा था। इसी वजह से नई दरें लागू करने का फैसला लिया गया।

बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर राज्य के करीब 60 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है। हालांकि राज्य सरकार और आयोग का दावा है कि यह बढ़ोतरी देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है और उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वृद्धि की गई है।

नई बिजली दरें 1 जुलाई से प्रभावी होंगी और इसके बाद आने वाले बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों का असर दिखाई देगा।

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