फ्रांस। अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान (Iran) के साथ प्रस्तावित शांति समझौते (Peace Deal) को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि यह समझौता अभी अंतिम (Final) नहीं है और यदि ईरान तय शर्तों का पालन नहीं करता है तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई (Military Action) शुरू कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता सिर्फ एक प्रारंभिक ढांचा है और इसे अंतिम नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें समझौते की शर्तें पसंद नहीं आतीं या ईरान समझौते का उल्लंघन करता है तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर बमबारी भी दोबारा शुरू की जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि फिलहाल यह समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने और स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह ईरान के व्यवहार पर निर्भर करेगी। ट्रंप के मुताबिक समझौते के तहत आगे की बातचीत के लिए समय दिया गया है और इस दौरान दोनों पक्ष स्थायी समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।
इस बीच ईरान की ओर से पहले भी कहा जा चुका है कि किसी अंतिम समझौते पर अभी पूरी तरह मुहर नहीं लगी है और प्रस्तावित दस्तावेज पर संबंधित संस्थाएं विचार कर रही हैं। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि कई बिंदुओं पर सहमति बनने के बावजूद अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित समझौते में होरमुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने, क्षेत्र में संघर्ष कम करने और परमाणु कार्यक्रम को लेकर आगे बातचीत की रूपरेखा शामिल है। हालांकि कई अहम मुद्दे अब भी लंबित हैं, जिन पर दोनों देशों के बीच सहमति बनना बाकी है।
ट्रंप ने दावा किया कि इस समझौते से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक असर देखने को मिला है और तेल की कीमतों में भी नरमी आई है। वहीं, जी-7 देशों ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि इसे स्थायी शांति में बदलने के लिए आगे और ठोस कदम उठाने होंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही यह कूटनीतिक प्रक्रिया पूरी दुनिया की नजरों में है, क्योंकि इसका असर मध्य पूर्व की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन ट्रंप की चेतावनी ने साफ कर दिया है कि समझौते का भविष्य अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।