रायपुर: छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री और डिप्टी सीएम विजय शर्मा (Vijay Sharma) ने कहा कि राज्य में सशस्त्र नक्सलवाद (Armed Naxalism) अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और कहीं भी आर्मड कैडर (Armed Cadre) मौजूद नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बचे हुए कुछ नक्सली कार्यकर्ता (Naxal Workers) भी जल्द आत्मसमर्पण (Surrender) कर देंगे।
विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर, जिसे कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, अब विकास के मोर्चे पर नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी संस्कृति को बचाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि बस्तर के लिए कोई तय रोडमैप अभी नहीं है, लेकिन लक्ष्य स्पष्ट है।
उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और इसे किसी एक समय सीमा में पूरा नहीं किया जा सकता। बस्तर हो या सरगुजा, हर क्षेत्र में विकास की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां विकास की संभावना खत्म हो गई हो।
डिप्टी सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास की कमी और हथियार उठाने के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सामाजिक और आर्थिक समस्याएं लोगों को हथियार उठाने के लिए मजबूर नहीं करतीं और इन दोनों को आपस में जोड़ना सही नहीं है।
विजय शर्मा ने बस्तर के भविष्य को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि यहां के युवाओं में अपार प्रतिभा है और आने वाले समय में वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर 2036 ओलंपिक में बस्तर का कोई खिलाड़ी पदक जीतता है तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर की महिलाएं भविष्य में क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधार बनेंगी। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बड़े स्तर पर उद्यम स्थापित करेंगी और आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। साथ ही, बस्तर की अर्थव्यवस्था को लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce) पर आधारित करने की दिशा में काम जारी है।
विजय शर्मा ने यह भी साफ किया कि बस्तर में खनन गतिविधियों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है और इस तरह की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।