“छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया परिसर और तीरंदाजी अकादमी, खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन”

By : hashtagu, Last Updated : February 28, 2026 | 6:07 am

दुर्ग, 28 फरवरी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Chief Minister Vishnu Deo Sai) ने छत्तीसगढ़ में खेलों के क्षेत्र में नई पहल की घोषणा की। दुर्ग जिले में आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस सेवा तीरंदाजी स्पर्धा के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में खेलो इंडिया परिसर (Khelo India Centers) बनाए जाएंगे, जिनसे युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए जशपुर जिले के सन्ना गांव के पंडरा पाठ में 20.53 करोड़ रुपए की लागत से तीरंदाजी अकादमी (Archery Academy) खोली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नवा रायपुर में करीब 10.27 एकड़ क्षेत्र में तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र (Archery Training Center) भी स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने राज्य के खिलाड़ियों के लिए बजट में की गई घोषणा को दोहराते हुए कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों (Tribal areas) की प्रतिभाओं को निखारना है और उन्हें विश्व स्तरीय प्रशिक्षण देकर ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं (Olympic and international competitions) के लिए तैयार करना है।

साथ ही, मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को अपनी रुचियों के अनुसार खेलों में भाग लेने का अवसर दें, ताकि वे अपने भविष्य को संवार सकें।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव (School Education Minister Gajendra Yadav) ने कहा कि तीरंदाजी हमारी अमूल्य धरोहर है। यह खेल मानसिक कौशल और शारीरिक क्षमता का अद्भुत संयोजन है। उन्होंने पुलिस जवानों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने ड्यूटी के बीच समय निकालकर इस स्पर्धा में भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गजेंद्र यादव ने यह भी बताया कि भगवान राम के वनवास के दौरान उनका अधिकांश समय यहीं पर बीता था और इसे सहेजा जा रहा है।

कार्यक्रम में दुर्ग जिले के विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा (Doman Lal Korsewada), डीआईजी अरुण गौतम (DIG Arun Gautam), कमांडेंट प्रथम वाहिनी राजेश कुकरेजा (Commandant Rajesh Kukreja), और अन्य पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।