दुर्ग (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने कहा कि शिक्षा (Education) का उद्देश्य केवल परीक्षा (Examination) में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्य (Moral Values), वैज्ञानिक सोच (Scientific Thinking), सामाजिक संवेदनशीलता (Social Awareness) और राष्ट्रभावना (National Spirit) का विकास करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने पहली बार स्कूल में प्रवेश लेने वाले छोटे बच्चों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, बड़े सपने देखने और अपनी प्रतिभा, ज्ञान व संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल देकर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, जरूरत केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले के लिए शिक्षा और खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग शहर में सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए फुटबॉल मैदान के साथ एथलेटिक्स ट्रैक भी बनाया जाएगा। वहीं नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र और छात्रा छात्रावास भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।