दंतेवाड़ा। जिले में मोतियाबिंद ऑपरेशन (cataract surgery)के दौरान बड़ी लापरवाही उजागर होने पर शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दंतेवाड़ा जिला चिकित्सालय की नेत्र सर्जन डॉक्टर गीता नेताम निलंबित(Eye surgeon Dr Geeta Netam suspended) कर दिया है। जिला चिकित्सालय में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों में संक्रमण फैला गया। मरीजों की हालत बिगडऩे की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल मरीजों को जगदलपुर मेडिकल कॉलेज और रायपुर मेकाहारा में रेफर किया गया। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम ने इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। जिसे संज्ञान में लेते हुए नेत्र सर्जन को निलंबित कर दिया गया। मरीजों का हाल जानने के लिए खुद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मेकाहारा पहुंचे, जहां उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वैसे अभी तक मिली सूचना के मुताबिक मरीजों की स्थिति सामान्य है।
बता दें, यह घटना 24 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में घटी। यहां जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम मोतियाबिंद से जुड़े 30 मरीजों का ऑपरेशन कर रही थी। इस ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही कई मरीजों आंखों में इंफेक्शन फैल गया। यह इंफेक्शन इतना फैल गया कि 25 अक्टूबर को इन मरीजों से जिला अस्पताल से जगदलपुर मेडिकल कॉलेज और रायपुर रेफर करना पड़ा। जानकारा के मुताबिक, 10 मरीजों की आंखों में ज्यादा संक्रमण है। एक मरीज को जगदलपुर भेजा गया है। जबकि, 9 मरीजों को रायपुर रेफर किया गया है।
दूसरी ओर, अब स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया है. बताया जा रहा है ऑपेरशन थिएटर को स्टरलाइज नहीं किया गया था। इसी वजह से ऑपरेशन थिएटर में वायरस पनपा है। इधर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यी जांच दल का गठन किया है। यह जांच दल ऑपरेशन थिएटर में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है. इस मामले की खबर रायपुर के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है। वहां से तीन आई स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम दंतेवाड़ा पहुंची है। ये मरीजों को देख रहे हैं, मरीजों को देखने के बाद ऑपरेशन थिएटर की बारीकी से पड़ताल करेंगे।