रायपुर : रमजान (Ramadan) के 30 रोजे (Roza) पूरे होने और चांद दिखने के बाद आज पूरे छत्तीसगढ़ में ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr) का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में सुबह बड़ी संख्या में नमाजियों ने मस्जिदों और ईदगाहों में पहुंचकर नमाज (Namaz) अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी।
इस मौके पर जकात (Zakat) और फितरा (Fitra) देने की परंपरा भी निभाई गई, ताकि जरूरतमंद लोग भी इस त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। ईद को भाईचारे, खुशी और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक माना जाता है।
राजधानी रायपुर में ईदगाह भाठा समेत शहर की विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने देश और प्रदेश की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ मांगी। इस दौरान रायपुर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री कुमार मेनन, पंकज शर्मा और सुबोध हरितवाल सहित कई नेताओं ने लोगों से गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं।
रायपुर के एडवोकेट फैजल रिजवी ने कहा कि 30 दिन तक रोजा रखने से इंसान को अपने इंद्रियों पर नियंत्रण रखने की सीख मिलती है और भूख का अहसास होता है, जिससे पूरे साल नेक काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि 30 दिनों की यह इबादत और मेहनत ही ईद का असली मतलब है।
वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कुमार मेनन ने कहा कि ईद अमन, चैन और शांति का पर्व है, जिसे सभी धर्मों के लोग मिलकर मनाते हैं। उन्होंने कहा कि सदियों से हिंदू-मुस्लिम भाईचारे के साथ इस त्योहार को मनाते आ रहे हैं, जो समाज में एकता का संदेश देता है।