नई दिल्ली: NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा (Re-Examination) रविवार को देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने दावा किया कि इस बार फिजिक्स (Physics) का पेपर पहले की तुलना में अधिक कठिन और समय लेने वाला था। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि फिजिक्स सेक्शन में ज्यादा न्यूमेरिकल (Numerical) और कॉन्सेप्ट आधारित (Concept-Based) सवाल पूछे गए, जिन्हें हल करने में अपेक्षा से अधिक समय लगा।
छात्रों के अनुसार, फिजिक्स के प्रश्नों में केवल सूत्र याद होना पर्याप्त नहीं था, बल्कि सवालों को हल करने के लिए गहरी अवधारणात्मक समझ और सटीक गणना की जरूरत थी। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि फिजिक्स सेक्शन ने पूरे पेपर की कठिनाई बढ़ा दी, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान और स्कोरिंग रही तथा केमिस्ट्री का स्तर संतुलित माना गया।
देशभर में 22 लाख से अधिक छात्र इस पुनर्परीक्षा में शामिल हुए। यह री-एग्जाम उस समय आयोजित किया गया जब 3 मई को हुई मूल परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक (Question Paper Leak) के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई और इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे।
परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, कड़ी निगरानी और प्रवेश संबंधी सख्त नियम लागू किए गए थे। कई राज्यों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
प्रारंभिक छात्र प्रतिक्रियाओं और विशेषज्ञों की समीक्षा के अनुसार, कुल मिलाकर पेपर का स्तर मध्यम से कठिन (Moderate to Tough) रहा। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा फिजिक्स सेक्शन को लेकर रही, जिसे अधिकांश छात्रों ने सबसे चुनौतीपूर्ण और समय लेने वाला बताया।
अब छात्रों की नजर NTA द्वारा जारी की जाने वाली प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) पर है। एजेंसी जल्द ही आधिकारिक उत्तर कुंजी और OMR शीट जारी करेगी, जिसके बाद अभ्यर्थी अपने संभावित अंकों का आकलन कर सकेंगे।