गरियाबंद हिंसा की पूरी कहानी: मूर्ति खंडन केस से भड़का गांव, आरोपियों के हमले के बाद जली बस्तियां, पुलिस से झड़प

ग्रामीणों का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान लगातार उन लोगों को धमका रहे थे, जिन्होंने मंदिर से जुड़े मामले में पुलिस को गवाही दी थी।

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 12:50 PM IST

दुतकैयां गांव, गरियाबंद:  गरियाबंद जिले के दुतकैयां गांव में 1 फरवरी 2026 की देर शाम हिंसा (violence/हिंसक घटना) भड़क उठी। मूर्ति खंडन (idol vandalism/प्रतिमा तोड़फोड़) मामले में जमानत (bail/जमानत) पर बाहर आए आरोपियों ने गांव के युवकों पर हमला कर दिया। इस हमले के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों में आगजनी (arson/आगजनी) कर दी, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प (clash/संघर्ष) हुई।

ग्रामीणों का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान लगातार उन लोगों को धमका रहे थे, जिन्होंने मंदिर से जुड़े मामले में पुलिस को गवाही दी थी। जमानत पर बाहर आने के बाद पिछले कई दिनों से तीनों की गुंडागर्दी बढ़ती जा रही थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से गांव में आक्रोश बढ़ता गया।

1 फरवरी की शाम आरोपियों ने गांव के ही 5 से 6 युवकों पर हथियारों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। युवकों को लहूलुहान हालत में देखकर गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा और भीड़ ने आरोपियों के मोहल्ले की ओर कूच कर दिया। देखते ही देखते कई घरों में आग लगा दी गई।

हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ढाल बनाकर स्थिति संभालने की कोशिश की। उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और लाठियां बरसाईं। इसके बावजूद पुलिस जवानों ने मानव श्रृंखला बनाकर आरोपियों के परिवार की महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को पत्थर और डंडों से गंभीर चोटें भी आईं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रायपुर रेंज के आईजी और गरियाबंद एसपी खुद मौके पर पहुंचे और पूरी रात मोर्चा संभाले रखा। कई घंटों तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव, लुका-छिपी और संघर्ष चलता रहा।

सैकड़ों जवानों की तैनाती और वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश के बाद देर रात हालात पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने मुख्य आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। झड़प में कई ग्रामीण और छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। 2 फरवरी 2026 की सुबह से ही दुतकैयां गांव पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं। हालात पर नजर रखने के लिए घरों की छतों पर भी जवान तैनात किए गए हैं।