Bhupesh Baghel vs Raman Singh: नक्सलवाद (Naxalism) के खात्मे (end) को लेकर चल रही चर्चा के बीच झीरम घाटी हत्याकांड (Jhiram Valley massacre) पर एक बार फिर सियासत (politics) गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि अक्सर यह दावा किया जाता था कि उनकी जेब में झीरम घाटी नक्सल वारदात के सबूत हैं, लेकिन जब भी वे उन्हें दिखाने की बात करते हैं तो सिर्फ अखबार की कतरन ही सामने आती है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरों पर आरोप लगाकर अपने दाग नहीं छुपाए जा सकते और पांच साल के कार्यकाल में केवल आरोप-प्रत्यारोप ही किया गया।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कभी जांच होने ही नहीं दी। उनका आरोप है कि बीजेपी को पता नहीं किस बात का डर है, इसलिए कोर्ट जाकर बार-बार जांच रुकवाई जाती रही। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच निष्पक्ष तरीके से करवाई जाए तो सभी सबूत पेश किए जा सकते हैं और सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि आगे चलकर पछताना न पड़े।
झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और दोनों प्रमुख नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।