रायपुर। मकर संक्रांति के पर रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Chief Minister Vishnudev Sai) ने रायपुर में पतंग उत्सव की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पतंग उड़ाई और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल चकरी पकड़े खड़े रहे। पुरखौती मुक्तांगन में शुरू हुए इस उत्सव में 12 राज्यों से पतंगबाज (Kite fliers from 12 states) पहुंचे हैं। इस दौरान सीएम ने पतंग भी उड़ाई और साथ में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और रामविचार नेताम सहित विधायक अनुज शर्मा ने भी पंतगोत्सव में शामिल हुए।
इससे पहले सीएम साय ने कहा कि, अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। हम अभी राम मंदिर में सफाई और सेवा कार्य करके आ रहे हैं। आप सभी लोगों से भी निवेदन है कि धार्मिक स्थलों की सफाई और पूजन करें। इसके अलावा प्रदेश में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘‘पतंग उत्सव‘‘ में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, उगादी, पोंगल, गुड़ी पड़वा और लोहड़ी की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व सूर्य उपासना का पर्व है। पिछले एक माह तक खरमास के बाद आज से शुभ कार्याें की शुरूआत होगी। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने पतंग उत्सव के अवसर पर पतंग उड़ाने का आनंद लिया।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर से प्राण प्रतिष्ठा तक सभी धर्म स्थलों में सफाई का कार्य करने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि हम लोगों ने आज श्रीराम मंदिर परिसर में सफाई का कार्य कर अभियान की शुरूआत की।
रायपुर में होने वाले उत्सव में पतंग और चकरी की फ्री सुविधा उपलब्ध रहेगी। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि उत्सव में राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के भी पतंगबाजों को आमंत्रित किया गया है। लोक कलाकार गीत-संगीत का भी आयोजन करेंगे।
प्रदेश में रविवार से मकर संक्रांति पर अलग-अलग जिलों में कई आयोजन होने वाले हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तातापानी में तीन दिवसीय संक्रांति परब की शुरुआत हो रही है। इसके अलावा मुंगेली में भी लोधी समाज का कार्यक्रम होगा।
बलरामपुर के तातापानी में 16 जनवरी तक मेला चलेगा। इस दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4.30 बजे तक आरागाही हवाई पट्टी पर पैरासैलिंग होगा। इसके अलावा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। वहीं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 400 जोड़ों की शादियां भी होगी।
गर्म जल स्रोत तातापानी में इस मेले की शुरुआत करीब 50 साल पहले हुई थी। इसके बाद से ही मेले का स्वरूप बढ़ता चला गया। शनिवार को तपेश्वरधाम में विधि विधान से साथ पुजारी भारदुल तिवारी ने पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद अब रविवार को सीएम इसकी शुरुआत करेंगे।
स्थानीय भाषा में ताता पानी का अर्थ गर्म पानी होता है। यहां गर्म जल के कई कुंड हैं। इनमें से गर्म जल निकलता है। आसपास के तालाबों में भी गर्म पानी रहता है। यहां के शिव मंदिर में वर्षों पुरानी मूर्ति स्थापित है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व से जुड़े तातापानी में स्थापित भोलेनाथ की प्रतिमा लगभग 80 फीट ऊंची है। नीचे मंदिर में सुंदर परिक्रमा पथ है। यहीं विशाल कक्ष में बारह ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति एक साथ स्थापित किए गए हैं।
तातापानी के जमीन में भारी मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जिसके कारण वहां की जमीन का पानी गर्म हो जाता है। इस गर्म पानी के रहस्य को जानने के लिए देश और विदेशों से वैज्ञानिक भी आ चुके हैं। पानी में सल्फर की मात्रा अधिक होने के कारण यहां के पानी से चर्म रोग ठीक होते हैं। स्थानीय लोग तो यह भी दावा करते हैं कि कुंडों में पानी इतना गर्म रहता है कि उसमें अंडा भी उबल जाता है।
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