बालोद में रोज मिल रहे 50-70 मृत चमगादड़, जांच के लिए भोपाल भेजे गए सैंपल

अधिकारियों के अनुसार दल्लीराजहरा के एक विशेष क्षेत्र में लगातार चमगादड़ों के मृत मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

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  • Publish Date - May 30, 2026 / 08:11 PM IST

बालोद (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद जिले (Balod district) में चमगादड़ों (Bats) की रहस्यमयी मौतों (Mysterious Deaths) ने प्रशासन और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में चमगादड़ मृत पाए जा रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन 50 से 70 चमगादड़ों के शव मिल रहे हैं। लगातार बढ़ती मौतों को देखते हुए वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है तथा मृत चमगादड़ों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार दल्लीराजहरा के एक विशेष क्षेत्र में लगातार चमगादड़ों के मृत मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले कई दिनों से यह सिलसिला जारी है और मृत चमगादड़ों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। वन विभाग ने इसे असामान्य घटना मानते हुए पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और प्रभावित इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने मौके से सैंपल एकत्र किए हैं। इन नमूनों को भोपाल स्थित आईसीएआर-नेशनल हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैबोरेटरी भेजा गया है, जहां वैज्ञानिक जांच के बाद मौतों की वास्तविक वजह सामने आएगी। फिलहाल प्रशासन लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने भीषण गर्मी को संभावित कारण माना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ा हुआ है और अत्यधिक गर्मी के कारण वन्यजीवों पर गंभीर असर पड़ रहा है। हालांकि संक्रमण, बीमारी या किसी अन्य कारण की संभावना को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। अंतिम निष्कर्ष लैब रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

हाल ही में छत्तीसगढ़ के कई जिलों से गर्मी के कारण वन्यजीवों की मौत की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में 500 से अधिक चमगादड़ों समेत सैकड़ों पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की मौत अत्यधिक तापमान और हीट स्ट्रेस के कारण हुई है। विशेषज्ञों ने इसे जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी से जुड़ी गंभीर पर्यावरणीय चेतावनी बताया है।

बालोद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मृत या बीमार चमगादड़ को हाथ न लगाएं। यदि कहीं मृत चमगादड़ दिखाई दें तो तुरंत वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि सावधानी बरतने से किसी संभावित संक्रमण या स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सकता है।

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और स्थानीय कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन मौतों के पीछे केवल गर्मी जिम्मेदार है या कोई अन्य कारण भी शामिल है।

इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में वन्यजीवों के सामने और बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।