रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और उद्योगों से जुड़े श्रम कानून (Labour Law) में बड़ा बदलाव किया है। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) (संशोधन) अधिनियम, 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद राज्य में नए नियम (Rules) लागू हो गए हैं। नए कानून के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले संस्थानों में महिला कर्मचारी नाइट शिफ्ट (Night Shift) में काम कर सकेंगी। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए सालाना ओवरटाइम (Overtime) की अधिकतम सीमा भी बढ़ा दी गई है।
राज्य विधानसभा से पारित संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून प्रभावी हो गया है। राज्य सरकार का कहना है कि बदलती औद्योगिक जरूरतों, 24×7 सेवाओं और आधुनिक कार्य प्रणाली को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों और कर्मचारियों दोनों को लाभ मिलेगा।
संशोधित कानून के अनुसार अब यह अधिनियम केवल उन दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू होगा, जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। पहले यह सीमा 10 कर्मचारियों की थी। सरकार का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों पर नियमों का बोझ कम होगा, जबकि बड़े संस्थानों में श्रम प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा।
नए कानून का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान महिला कर्मचारियों को लेकर किया गया है। अब सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले संस्थानों में महिलाएं रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए संस्थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से आईटी, बीपीओ, ई-कॉमर्स, अस्पताल, होटल और कॉल सेंटर जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
संशोधन के तहत कर्मचारियों से एक वर्ष में कराए जाने वाले ओवरटाइम की अधिकतम सीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है। इसके अलावा दैनिक कार्य अवधि और कुल कार्य समय (स्प्रेड-ओवर) से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं, ताकि उद्योगों को संचालन में अधिक लचीलापन मिल सके और उत्पादन व सेवाएं बिना बाधा जारी रह सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए श्रम कानून से उद्योगों को जरूरत के अनुसार कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता आसान होगी। वहीं महिलाओं की कार्यस्थलों पर भागीदारी बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम कराने वाले सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप श्रम व्यवस्था को मजबूत बनाना है।