नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के 400 से अधिक गांव आबाद, नारायणपुर को 351 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
By : hashtagu, Last Updated : January 31, 2026 | 5:45 am
नारायणपुर, छत्तीसगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दो दिवसीय प्रवास पर नारायणपुर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर जिलेवासियों को बड़ी विकास सौगात दी। मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक (Red Terror) समाप्ति की ओर है, जिससे विकास (Development) को गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब यहां नवाचार और नए अवसर सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के चलते राज्य सरकार माओवाद मुक्त बस्तर के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बस्तर के 400 से अधिक गांवों तक शासन की योजनाओं और विकास गतिविधियों की पहुंच सुनिश्चित हुई है। आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आजीविका अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास, खेती-किसानी और पशुपालन को बढ़ावा देकर बस्तर को विकास के सभी आयामों से जोड़ने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों के संरक्षण के उद्देश्य से बस्तर पण्डुम का आयोजन किया जा रहा है और जनजातीय समाज से अपनी जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 332 करोड़ रुपये की लागत वाले छह बड़े निर्माण कार्यों की घोषणा की। इनमें 125 किलोमीटर लंबा नारायणपुर–ओरछा–आदेर–लंका–बेदरे–कुटरूमैमेड मार्ग शामिल है, जिसकी लागत 250 करोड़ रुपये है। यह मार्ग नारायणपुर जिले को बीजापुर जिले से जोड़ने के साथ ही ईदवाया, एडजुम, आदेर, कुड़मेल, ढोढरीबेड़ा, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा और लंका जैसे अंदरूनी गांवों को जोड़ेगा। इसके अलावा राजनांदगांव–बैलाडिला मार्ग के 28 किलोमीटर हिस्से के सतह मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की गई, जिसकी लागत लगभग 34 करोड़ रुपये है, जिससे नारायणपुर जिले का दंतेवाड़ा जिले से बेहतर संपर्क होगा।
इसी तरह नारायणपुर–सोनपुर–मरोड़ा मार्ग पर 28 किलोमीटर सतह मजबूतीकरण कार्य 34 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा, जिससे जिले का संपर्क महाराष्ट्र सीमा तक मजबूत होगा और ब्रेहबेड़ा, कुरूषनार, बासिंग और सोनपुर जैसे गांव जुड़ेंगे। ब्रेहबेड़ा से कंदाड़ी, कीहीकाड़, मुरनार और बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला पर 80 मीटर लंबा उच्चस्तरीय सेतु एवं पहुंच मार्ग 12 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बनेगा। इसके साथ ही अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में 10 वैकल्पिक प्राथमिक शालाओं के स्कूल सेटअप और भवन तथा तोके में आश्रम शाला भवन की स्वीकृति दी गई, जो 1 करोड़ 6 लाख रुपये में तैयार होंगे। गरांजी स्थित एजुकेशन हब में खेल मैदान निर्माण की भी घोषणा की गई, जिस पर 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्णायक नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिला भी जल्द नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। राजस्व मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जिले को 351 करोड़ रुपये के विकास कार्य मिले हैं और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपरा की पहचान विश्व स्तर पर है और नई पीढ़ी को इसे सहेजने की आवश्यकता है। बस्तर पण्डुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से आदिवासी संस्कृति को संरक्षण और युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर पण्डुम में प्रदर्शित आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक धरोहरों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे चार नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। आशीर्वाद पाने वालों में ग्राम पोदावाड़ा, ऐनमेटा, कुर्सिंग, तुषवाल, पूसालामा और डूंगा के नवदंपती शामिल रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज और नगरीय संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।




