आदिवासी बच्चों के ‘निवाले’ में खेल!, पूर्व मंत्री ने ‘खोली’ पोल, देखें VIDEO

जिले के स्कूल आश्रम छात्रावास में मध्यान्ह भोजन के लिए वितरण होने वाली खाद्य सामग्री गुणवत्ताहीन होने का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री महेश गागड़ा (Former minister Mahesh Gagda) ने विधायक व कलेक्टर पर कमीशन का आरोप लगाया है।

  • Written By:
  • Publish Date - January 13, 2023 / 10:44 PM IST

बीजापुर। (Bijapur) जिले के स्कूल आश्रम छात्रावास में मध्यान्ह भोजन के लिए वितरण होने वाली खाद्य सामग्री गुणवत्ताहीन होने का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री महेश गागड़ा (Former minister Mahesh Gagda) ने विधायक व कलेक्टर पर कमीशन का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री गागड़ा ने प्रेस को जारी वक्तव्य में कहा है महीनों से जिले के गरीब आदिवासी बच्चों का निवाला कमीशन के भेंट चढ़ी है, बच्चों को कुपोषण में डालकर विधायक और प्रशासन स्वयं के पोषण में लगे हुए हैं।

बोले महेश गागड़ा, आदिवासी बच्चों को कुपोषण में डालकर विधायक और प्रशासन अपने पोषण में लीन

गुणवत्ताहीन खाद्यान्न वितरण किए जाने का आरोप विधायक और सरकार पर लगाते हुए कहा है कि स्वसहायता समूह से उनका कार्य छीनकर रायपुर में बैठे ठेकेदारों को दिया गया उन्हें आदिवासी बच्चों की स्वास्थ्य का कोई चिंता नही है इसलिए गुणवत्ताहीन सामग्री जिले में सप्लाई कर रहे हैं, सामग्री का स्तर ऐसा है जानवर को भी न खिलाया जाए ऐसी खाद्यान्न को आदिवासी बच्चों के थाली में परोसा जा रहा है। जिला प्रशासन कमीशन तक सिमट कर रह गई है इसलिए इस ओर कोई ध्यान नही है।

आदिवासी बच्चों का निवाला कमीशन की भेंट चढ़ा

गागड़ा ने आगे कहा है कम से कम बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो प्रशासन अपनी जिम्मेदारी समझें,ऐसी परिस्थितियों में, बस्तर कुपोषण से कैसी जीतेगी,गुणवत्ताहीन सामग्री वितरण करने वालों पर कार्यवाही करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार लाने की बात गागड़ा ने कही है।,साथ ही महेश गागड़ा ने कहा है कि विधायक आदिवासी हितैषी की बात करते हैं लेकिन लगभग ९७० संस्थाओं के ७० हजार बच्चों के निवाला पर डाका डाल रहे हैं।

Anaj