मीडिया के सभी माध्यमों के इस्तेमाल से जनसंपर्क को बनाया जा सकता है प्रभावशाली: आयुक्त डॉ. रवि मित्तल

By : hashtagu, Last Updated : January 12, 2026 | 8:06 pm

रायपुर। मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल (Dr Ravi Mittal) ने कहा है कि जनसंपर्क अधिकारी एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और उनके व्यापक प्रचार के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया सहित सभी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होंगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में “जनसंपर्क की नई चुनौतियां” विषय पर आयोजित जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना और जनसंपर्क के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। नई-नई तकनीकों के आने से जनसंपर्क अधिकारियों के लिए जरूरी हो गया है कि वे इनका उपयोग कर अपने कार्य को अधिक प्रमाणिक, प्रभावी और समयबद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि केवल प्रिंट मीडिया ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का बेहतर उपयोग कर शासन की नीतियों और फैसलों को जनता तक पहुंचाना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को नई तकनीकों से लगातार अपडेट रहना होगा। उन्होंने पत्रकारिता स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप का अवसर देने पर भी जोर दिया।

उद्घाटन सत्र में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा और आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी जनसंपर्क के लिए सटीक और भरोसेमंद संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिभागियों को दो दिनों तक चलने वाली कार्यशाला के सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के जरिए जनसंपर्क को अधिक सशक्त, आधुनिक और संवेदनशील बनाना है।

कार्यशाला के पहले दिन की शुरुआत “पाठक-अनुकूल लेखन: सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना” विषय पर सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बातों की पहचान, सरल और स्पष्ट भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन और लीड पैराग्राफ लिखने की तकनीक समझाई। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग और संकट के समय मीडिया से संतुलित व समयबद्ध संवाद की आवश्यकता पर चर्चा की।

दूसरे सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के जरूरी तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट और फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी।

तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स के उपयोग पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ राकेश साहू ने एआई डिजिटल टूल्स के जरिए फोटो और वीडियो एडिटिंग के प्रभावी तरीकों पर मार्गदर्शन दिया और बताया कि एआई तकनीक के उपयोग से कम प्रयास में ज्यादा काम किया जा सकता है।

दिन के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन और आपातकालीन संचार यानी क्राइसिस कम्युनिकेशन से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपायों की जानकारी दी। इस कार्यशाला में प्रदेशभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने भाग लिया।