बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बयान चर्चा में आ गया है। राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) की मौजूदगी में भाजपा नेता संजय अग्रवाल ने ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो विधायक (विधायक – MLA) की सीट (सीट – Seat) भी खतरे में पड़ सकती है। इस टिप्पणी को लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी काफी चर्चा रही।
बताया गया कि बिलासपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता संजय अग्रवाल मंच से संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं के व्यवहार को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीति में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर नेता जनता से दूर हो जाएंगे या गलत तरीके से काम करेंगे तो जनता उन्हें सबक सिखाने में देर नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस तरह की राजनीति जारी रही तो विधायक की सीट भी खतरे में पड़ सकती है।
कार्यक्रम में मंत्री रामविचार नेताम भी मौजूद थे और मंच पर कई अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। अग्रवाल के इस बयान को कई लोगों ने राजनीतिक संदेश के रूप में देखा। हालांकि मंच से किसी खास नेता का नाम नहीं लिया गया, लेकिन यह टिप्पणी वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गई।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिए गए बयान कई बार पार्टी के भीतर के संदेश भी होते हैं। इसी वजह से संजय अग्रवाल के बयान को लेकर स्थानीय राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से कई क्षेत्रों में संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर भी चर्चा होती रही है। ऐसे में बिलासपुर में दिए गए इस बयान को राजनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। फिलहाल इस बयान को लेकर किसी बड़े नेता की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
