महिला आरक्षण मुद्दे पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, साय सरकार बुलाएगी विशेष सत्र, निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रायपुर में जनआक्रोश रैली आयोजित की।

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 08:52 PM IST

रायपुर:  महिला आरक्षण (Women Reservation) बिल को लेकर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री (CM) विष्णुदेव साय ने ऐलान किया है कि सरकार एक दिन का विशेष सत्र (special session) बुलाएगी, जिसमें विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव (condemnation motion) पास किया जाएगा।

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रायपुर में जनआक्रोश रैली आयोजित की। भाजपा महिला मोर्चा की यह यात्रा बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां बड़ी सभा का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष के रवैये के खिलाफ सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। उन्होंने बताया कि यह सत्र इसी महीने आयोजित किया जा सकता है और इसमें विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।

विशेष सत्र बुलाने की प्रक्रिया के तहत पहले मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री बैठक कर निर्णय लेते हैं। इसके बाद प्रस्ताव को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाता है। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद ही सत्र आयोजित किया जाता है।

जनआक्रोश यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, डिप्टी सीएम अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि यह महिलाओं का आक्रोश है और इंडी महागठबंधन महिलाओं के खिलाफ है। इस पूरे मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।