वेदांता प्लांट ब्लास्ट में 17 मजदूरों की मौत, विपक्ष का हमला—‘हादसा नहीं हत्या’, सुरक्षा लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
By : hashtagu, Last Updated : April 15, 2026 | 2:56 pm
सक्ती: वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant) में हुए भीषण हादसे (Accident) में अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 34 लोग घायल (Injured) बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद विपक्ष ने इसे लापरवाही (Negligence) करार देते हुए सरकार और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच (High Level Investigation) की मांग की है।
बैज ने कहा कि मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 17 मजदूरों की मौत और 34 लोगों के घायल होने की खबर बेहद दुखद है और यह सीधे तौर पर लापरवाही का परिणाम है।
सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना में 8 मजदूरों की मृत्यु एवं 50 से अधिक मजदूरों के घायल होने का समाचार अत्यंत दुःखद है।
जब से भाजपा सरकार बनी है, हर 3 महीने में ऐसी बड़ी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं।
इसका जिम्मेदार कौन है? pic.twitter.com/E4sQvF1Wgd
— Deepak Baij (@DeepakBaijINC) April 14, 2026
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्लांट में एंबुलेंस तक मौजूद नहीं थी, जो मजदूरों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और हादसे के कारणों की गहराई से जांच होनी चाहिए।
सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे का समाचार अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।
बॉयलर फटने से कई श्रमिकों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु और कई अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें मन को व्यथित कर रही हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को शांति…
— T S Singhdeo (@TS_SinghDeo) April 14, 2026
चंद्रपुर से कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने आरोप लगाया कि यह प्लांट पहले एथेना पावर प्लांट था, जिसे वेदांता ने कम कीमत में खरीदा था। प्लांट शुरू करने से पहले मशीनों की सही तरीके से रिपेयरिंग नहीं की गई और क्षमता से ज्यादा काम लिया गया, जिसके चलते बॉयलर ब्लास्ट हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आसपास के अन्य प्लांट्स में भी इसी तरह की लापरवाही हो रही है और सरकार को समय-समय पर मशीनों की जांच करवानी चाहिए।
सक्ती
वेदांता पॉवर प्लांट हादसे में अब तक 14 मजदूरों की मौत
कुछ मजदूरों की हालत बेहद गंभीर
रायपुर में 2, रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में 15 मजदूर भर्ती, कुल 26 मजदूर घायलप्लांट को फिलहाल पूरी तरह बंद किया गया
प्रबंधन की ओर से मुआवजे का ऐलान
मृतकों के परिजनों को ₹35-35… pic.twitter.com/f16rJMIx2V
— Anshuman Sharma (@anshuman_sunona) April 15, 2026
कोरबा लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि यह हादसा सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी वेदांता के कोरबा प्लांट में चिमनी निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया है और श्रमिकों की सुरक्षा हमेशा सवालों के घेरे में रही है।
सांसद ने राज्य सरकार और प्रशासन से स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि बार-बार हादसों के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने और जिम्मेदार अधिकारियों व कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्लांट प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों और घायलों को सहायता राशि देने की घोषणा की है।




