रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने आपातकाल (Emergency) की 51वीं बरसी पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र (Democracy) का सबसे काला दिन था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता के अहंकार में देश पर आपातकाल थोपकर संविधान (Constitution) की हत्या कर दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में लोकतंत्र की आवाज को दबाने की हर संभव कोशिश की गई और हजारों लोगों को जेल में डाल दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और विपक्षी नेताओं को मीसा (MISA) जैसे कानूनों के तहत गिरफ्तार किया गया। प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई और लोगों के मौलिक अधिकारों का खुलकर उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऐसा दौर था जिसे देश कभी नहीं भूल सकता और नई पीढ़ी को भी इसकी जानकारी होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला उन सभी लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनके अनुसार, इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को भारतीय लोकतंत्र के उस काले अध्याय से परिचित कराना है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान बहाल किया है। पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई आर्थिक सहायता योजना को दोबारा शुरू किया गया और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया। इसके अलावा राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025’ लागू कर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और कल्याण को कानूनी संरक्षण दिया है।
विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे याद रखना जरूरी है ताकि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था को हमेशा मजबूत बनाए रखा जा सके।
आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आपातकाल स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में माननीय विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक आदरणीय श्री इंद्रेश कुमार जी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू जी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर लोकतंत्र… pic.twitter.com/LpkoyKIpbT
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) June 28, 2026