मुंबई (महाराष्ट्र): बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म ‘डॉन 3’ (Don 3) से बाहर होने के बाद विवाद (Controversy) लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म वर्कर्स संगठन FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन नोटिस’ (Non-Cooperation Notice) जारी कर दिया है। संगठन का आरोप है कि रणवीर ने आखिरी समय में फिल्म छोड़ी, जिससे निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट को करीब 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कहा कि रणवीर सिंह ने तीन साल पहले ‘डॉन 3’ के लिए हामी भरी थी और फिल्म की तैयारी लंबे समय से चल रही थी। शूटिंग के लिए विदेश जाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। करीब 250 लोगों के टिकट, होटल और तकनीकी इंतजाम किए जा चुके थे, लेकिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले रणवीर ने फिल्म छोड़ दी।
अशोक पंडित के मुताबिक फिल्म के लिए काम कर रहे कई तकनीशियन और कर्मचारी अब बेरोजगार हो गए हैं क्योंकि उन्होंने दूसरे प्रोजेक्ट छोड़कर ‘डॉन 3’ से जुड़ने का फैसला किया था। FWICE का कहना है कि अगर इस तरह का रवैया जारी रहा तो फिल्म इंडस्ट्री में भरोसे का संकट पैदा हो जाएगा।
संगठन ने साफ किया है कि रणवीर सिंह पर आधिकारिक बैन नहीं लगाया गया है, लेकिन FWICE से जुड़े कर्मचारी, तकनीशियन, लाइटमैन, सेट वर्कर्स और अन्य सदस्य रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम नहीं करेंगे। संगठन का दावा है कि देशभर के कई फिल्म यूनियन भी इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह के खिलाफ दस्तावेज, खर्च का रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट्स भी FWICE को सौंपे हैं। संगठन का कहना है कि film से जुड़े सभी कमिटमेंट कागजों पर थे और निर्माता ने प्री-प्रोडक्शन में भारी रकम खर्च की थी।
वहीं रणवीर सिंह की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी का सम्मान करते हैं। उन्होंने पूरे मामले पर चुप्पी बनाए रखने का फैसला किया है और कहा है कि पेशेवर मामलों को सम्मान और समझदारी के साथ संभाला जाना चाहिए।
रणवीर सिंह के अचानक बाहर होने के बाद अब ‘डॉन 3’ की शूटिंग और कास्टिंग को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है। फिल्म को लेकर पहले ही काफी देरी हो चुकी है और अब इस विवाद ने प्रोजेक्ट को और मुश्किल में डाल दिया है।