देर रात स्नैकिंग से बढ़ता है मोटापा और तनाव – जानिए क्यों रात में जल्दी खाना बंद करना जरूरी है

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात का खाना सोने से कम से कम 2‑3 घंटे पहले खा लेना चाहिए और रात 8‑9 बजे के बाद स्नैकिंग से बचना चाहिए।

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 04:45 PM IST

देर रात स्नैकिंग (late-night snacking) यानी सोने से पहले खाना या नाश्ता करना आपके स्वास्थ्य (health) पर नकारात्मक असर डाल सकता है और मोटापा (obesity) तथा तनाव (stress) जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार खासकर रात 8‑9 बजे के बाद खाना नुकसानदेह होता है क्योंकि इससे शरीर का पाचन (digestion) और मेटाबोलिज्म (metabolism) प्रभावित होता है।

सोने के करीब खाना खाने से मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे कैलोरी फैट के रूप में जमा हो सकती है। इससे वजन तेजी से बढ़ता है और मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।

देर रात स्नैकिंग नींद को भी प्रभावित करती है। भारी या मीठा भोजन खाने से एसिड रिफ्लक्स और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे नींद में खलल आता है और थकान, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है। लंबे समय तक खराब नींद से इम्यूनिटी कमजोर होती है और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रात का खाना सोने से कम से कम 2‑3 घंटे पहले खा लेना चाहिए और रात 8‑9 बजे के बाद स्नैकिंग से बचना चाहिए। अगर भूख लगे तो हल्का विकल्प जैसे एक गिलास दूध या फल लिया जा सकता है। साथ ही दिन में संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम (exercise) करना भी वजन नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली के लिए जरूरी है।