अंबेडकर जयंती 2026 पर महू में उमड़ा जनसैलाब, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, सीएम मोहन यादव होंगे शामिल
By : hashtagu, Last Updated : April 14, 2026 | 11:46 am
By : hashtagu, Last Updated : April 14, 2026 | 11:46 am
डॉ अंबेडकर नगर (महू), इंदौर, मध्यप्रदेश: अंबेडकर जयंती (Ambedkar Jayanti) 2026 के अवसर पर संविधान निर्माता (Constitution Maker) बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर (Dr Bhimrao Ambedkar) की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। 14 अप्रैल को आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर उनकी जन्मस्थली स्मारक क्षेत्र में भक्ति (devotion), अनुशासन (discipline) और सामाजिक एकता (social unity) का माहौल बना हुआ है। मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार महू पहुंच रहे हैं। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां पहुंचेंगे।
भारतीय संविधान के शिल्पकार, सामाजिक न्याय के पुरोधा, ‘भारत रत्न’ श्रद्धेय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूँ।
शिक्षा और समानता के माध्यम से आपने महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को गति दी। समता, न्याय और अधिकारों पर आधारित सशक्त भारत की जो नींव आपने… pic.twitter.com/6tXxr1dup1
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 14, 2026
डॉ अंबेडकर नगर महू स्थित बाबा साहेब की जन्मस्थली पर बने स्मारक को जयंती से पहले विशेष रूप से सजाया गया है। 14 अप्रैल को यहां विशाल समागम हो रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का आना 12 अप्रैल की शाम से ही शुरू हो गया था, जो लगातार जारी है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य शासन और जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। आवास, भोजन और ठंडे पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी को परेशानी न हो। भोजन की व्यवस्था स्वर्ग मंदिर परिसर में की गई है, जो 14 अप्रैल की शाम तक चलेगी। भिक्षु समुदाय के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था माहेश्वरी स्कूल में की गई है।
महू में रुकने की व्यवस्था के लिए धर्मशालाओं के साथ केन्ट बोर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल और केन्ट बोर्ड कन्या स्कूल में भी इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा तीन बड़े डोम बनाए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठहर सकते हैं। साफ-सफाई और पेयजल के लिए जगह-जगह प्याऊ लगाए गए हैं और अस्थायी शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
पूरे आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मराठी भाषी शिक्षकों को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा तहसील परिसर, जन्मस्थली स्मारक और स्वर्ग मंदिर परिसर में तीन कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 6 स्थानों पर आकस्मिक चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं, जहां डॉक्टरों की टीम मौजूद है। साफ-सफाई के लिए नगर निगम और स्थानीय निकाय सक्रिय हैं, जबकि अग्निशमन विभाग भी पूरी तरह अलर्ट पर है।