नागा चैतन्य पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, सामंथा को लेकर अफवाह और AI कंटेंट पर जताई आपत्ति
By : hashtagu, Last Updated : May 29, 2026 | 9:32 pm
नई दिल्ली: तेलुगु अभिनेता नागा चैतन्य (Naga Chaitanya) ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का रुख करते हुए अपने पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) की सुरक्षा की मांग की है। अभिनेता ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनके नाम, तस्वीर और पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही AI जनरेटेड (AI Generated), डीपफेक (Deepfake) और आपत्तिजनक कंटेंट इंटरनेट पर फैलाया जा रहा है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है।
सुनवाई के दौरान नागा चैतन्य के वकील ने अदालत को बताया कि कई वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अभिनेता के नाम के साथ आपत्तिजनक सर्च टर्म जोड़कर ट्रैफिक बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि कुछ कंटेंट में यह दिखाने की कोशिश की गई कि नागा चैतन्य ने अपनी पूर्व पत्नी सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) को धोखा दिया और उनका करियर बर्बाद किया। अभिनेता के वकील ने इसे ट्रोलिंग बताते हुए कहा कि यह आलोचना नहीं बल्कि चरित्र हनन है।
अदालत को यह भी बताया गया कि इंटरनेट पर AI तकनीक की मदद से फर्जी वीडियो, मॉर्फ्ड क्लिप और वॉयस क्लोनिंग कंटेंट तैयार किया जा रहा है। अभिनेता की टीम का कहना है कि इस तरह की सामग्री उनकी प्रतिष्ठा, निजता और सार्वजनिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही बिना अनुमति उनके नाम और तस्वीर वाले मर्चेंडाइज भी ऑनलाइन बेचे जा रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को ज्यादा जांच और आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में संतुलन जरूरी है। कोर्ट ने संकेत दिया कि वह अंतरिम आदेश जारी कर सकती है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
नागा चैतन्य और सामंथा रुथ प्रभु ने कई साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद 2017 में शादी की थी। दोनों ने 2021 में अलग होने का ऐलान किया था। वर्तमान में नागा चैतन्य अभिनेत्री शोभिता धुलिपाला के साथ शादीशुदा जीवन जी रहे हैं।
भारत में AI और डीपफेक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सेलिब्रिटीज द्वारा पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर अदालतों का रुख करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के समय में कई हाईकोर्ट्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सेलिब्रिटीज की पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर सख्त टिप्पणियां की हैं।




