रामनवमी पर भोपाल-ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिया MPT कैफे कल्चर हाउस का तोहफा

अपने जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री ने भोपाल के रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया और एमपीटी कैफे कल्चर हाउस का शुभारंभ किया।

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 04:38 PM IST

भोपाल, मध्य प्रदेश: भोपाल (Bhopal) से ओरछा (Orchha) के बीच हेलीकॉप्टर सेवा (Helicopter Service), रामनवमी (Ram Navami) और धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने 25 मार्च को ऐलान किया कि रामनवमी के पावन अवसर से भोपाल-ओरछा के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान और तेज हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंच को सरल बनाना है। इसी दिशा में लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी ऐसी सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

अपने जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री ने भोपाल के रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताया और एमपीटी कैफे कल्चर हाउस का शुभारंभ किया। इस दौरान बच्चों ने केक काटकर मुख्यमंत्री को बधाई दी, गीत प्रस्तुत किए और एक पेंटिंग भेंट की। बालिका सिहायना तिवारी ने कविता पाठ कर सभी का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें भगवान श्रीराम के संघर्ष का उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के प्रोत्साहन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही कविता पाठ करने वाली सिहायना तिवारी को 21 हजार रुपये देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रवीन्द्र भवन लंबे समय से प्रदेश की सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है और यह स्थान कलाकारों, साहित्यकारों और संस्कृति प्रेमियों से जुड़ा रहा है। यहां शुरू किया गया एमपीटी कैफे कल्चर हाउस कला, संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि इस कैफे में करीब 85 लोगों के बैठने की व्यवस्था है और इसे शांत, प्राकृतिक वातावरण में तैयार किया गया है। यहां प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन जैसे भुट्टे का कीस, रागी बालूशा और कोदो अरंचिनी परोसे जाएंगे।

कैफे का निर्माण आधुनिक डिजाइन और पारंपरिक शैली के मेल से किया गया है, जिसमें लकड़ी की हस्तनिर्मित बैठने की व्यवस्था, टेराकोटा, पत्थर, बांस और जूट से बने सजावटी तत्व शामिल हैं। इसे ‘क्रिएटिव हब’ के रूप में विकसित किया गया है, जहां स्थानीय कलाकारों की कला और संस्कृति को भी मंच मिलेगा।