भोपाल, मध्य प्रदेश: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना (PM Shri Scheme) के तहत मध्यप्रदेश के 799 सरकारी स्कूलों का चयन किया गया है। इन स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आधुनिक, समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा का मॉडल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
पीएमश्री योजना के तहत चयनित स्कूलों में कक्षा कक्ष, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधनों को आधुनिक बनाया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्कूल परिसरों में सोलर पैनल, स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
छात्रों को तकनीकी और नवाचार से जोड़ने के लिए STEM शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और इंटरैक्टिव स्मार्ट पैनल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में बड़ी संख्या में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा रही हैं, जिससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित हो सके।
पीएमश्री स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, योग, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया जा रहा है। गणित और विज्ञान आधारित गतिविधियां, करियर मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी छात्रों के लिए शुरू किए जा रहे हैं।
अधिकांश चयनित उच्च और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक और कौशल आधारित पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों को रोजगार से जुड़े कौशल मिल सकें और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
सरकार का मानना है कि पीएमश्री योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश के ये 799 स्कूल प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित होंगे और आने वाले वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देंगे।