बरगी डैम नाव हादसा: CM मोहन यादव मौके पर पहुंचे, बोले- जिम्मेदारों को नहीं छोड़ा जाएगा

मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाए।

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 09:50 PM IST

जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) स्वयं घटनास्थल (site) पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार (responsible) पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई (strict action) की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हादसा उस समय हुआ जब बरगी डैम में पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव अचानक खराब मौसम और तेज हवाओं की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि अचानक मौसम बदलने के कारण पानी में ऊंची लहरें उठीं, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। कुछ ही पलों में नाव पानी में डूब गई और अफरा-तफरी मच गई।

इस हादसे के बाद मौके पर एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। खोज अभियान लगातार जारी है और गोताखोरों की मदद से पानी के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में बड़ी संख्या में पर्यटक सवार थे और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या नाव संचालन में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या मौसम की चेतावनी के बावजूद यात्रा जारी रखी गई थी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और सरकार पूरी गंभीरता से इसकी जांच कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन को प्राथमिकता दी जा रही है।