जबलपुर: बरगी डैम (Bargi Dam) में हुए दर्दनाक नाव हादसे (Boat Accident) ने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां एक महिला का शव उसके छोटे बच्चे के साथ मिला, जिसमें वह अपने बच्चे को सीने से कसकर पकड़े हुई थी। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि मौके पर मौजूद बचाव दल (Rescue Team) के सदस्य भी भावुक हो गए।
गुरुवार शाम नर्मदा नदी पर स्थित बरगी डैम में एक नाव करीब 29 यात्रियों को लेकर घूमने निकली थी। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवाएं चलने लगीं। पानी में उठ रही ऊंची लहरों के कारण नाव असंतुलित हो गई और कुछ ही पलों में पलट गई। हादसे के वक्त नाव में सवार कई यात्रियों ने खतरे को भांपते हुए वापस लौटने की बात कही थी, लेकिन उनकी चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया।
नाव पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तैरकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, जबकि कुछ लोग तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत अभियान शुरू किया गया।
बचाव अभियान के दौरान अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं और कुछ अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। करीब 15 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। गोताखोर लगातार पानी में तलाश अभियान चला रहे हैं।
सबसे दिल दहला देने वाला दृश्य तब सामने आया जब एक महिला और उसके करीब 4 साल के बच्चे का शव मिला। दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। इससे यह साफ जाहिर होता है कि मां ने आखिरी पल तक अपने बच्चे को बचाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उनके पास लाइफ जैकेट भी थी, लेकिन तेज लहरों और घबराहट के कारण वे खुद को बचा नहीं सके।
इस घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि सभी लोगों को सही तरीके से लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी और नाव में सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
राज्य सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।