जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को सोशल मीडिया पर मिल रही कथित धमकियों के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सरकार से पूछा है कि न्यायाधीश की सुरक्षा (Security) सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है।
यह मामला उस फैसले के बाद सामने आया, जिसमें न्यायाधीश तबस्सुम खान ने सिवनी मालवा में वर्ष 2022 के मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) मामले में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। यह घटना कथित गो-तस्करी के शक में हुई हिंसा से जुड़ी थी। फैसले के बाद सोशल मीडिया पर न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकियां सामने आने लगीं, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्यायाधीशों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए राज्य सरकार और डीजीपी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने अधिकारियों से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं और मामले की अगली सुनवाई निर्धारित की है।
राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है और धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही न्यायाधीश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।