मध्य प्रदेश में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार, रंजना प्रकाश देसाई समिति ने सरकार को सौंपी अंतिम रिपोर्ट

करीब 60 दिनों के भीतर अपना काम पूरा करने वाली छह सदस्यीय समिति ने राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है।

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 07:17 PM IST

भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सेवानिवृत्त (Retired) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपनी अंतिम रिपोर्ट (Final Report) सौंप दी है। इस रिपोर्ट में विवाह (Marriage), तलाक (Divorce), संपत्ति अधिकार (Property Rights), उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) जैसे विषयों पर समान कानून लागू करने से जुड़े विस्तृत सुझाव दिए गए हैं।

करीब 60 दिनों के भीतर अपना काम पूरा करने वाली छह सदस्यीय समिति ने राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। समिति ने विभिन्न समुदायों, कानूनी विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से सुझाव भी लिए थे। इसके साथ ही उत्तराखंड और गुजरात में लागू यूसीसी मॉडल का भी अध्ययन किया गया, ताकि मध्य प्रदेश के लिए व्यवहारिक और संतुलित कानूनी ढांचा तैयार किया जा सके।

रिपोर्ट में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, संपत्ति के अधिकार, गोद लेने की प्रक्रिया और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों को एक समान कानूनी व्यवस्था के तहत लाने की सिफारिश की गई है। लिव-इन संबंधों के पंजीकरण, उनसे जुड़े अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर भी कानूनी व्यवस्था का सुझाव दिया गया है। महिलाओं के अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के हितों को विशेष प्राथमिकता देने की बात रिपोर्ट में शामिल की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रक्रिया को सामाजिक सहमति तथा व्यापक विचार-विमर्श के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार यूसीसी विधेयक का मसौदा तैयार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी।