बैतूल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के प्रसिद्ध कुकरू हिल स्टेशन (Hill Station) में रात्रि चौपाल (Night Chaupal) लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने गांववासियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पटवारी, थानेदार या किसी अन्य अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है तो वे सीधे उन्हें इसकी जानकारी दें।
रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में हाईस्कूल, बेहतर पेयजल व्यवस्था और 20 बिस्तरों वाले अस्पताल की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण के निर्देश दिए। साथ ही बालिका छात्रावास, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण को भी मंजूरी देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कुकरू को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि अगले महीने से यहां ग्रामीण बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों से खेती के साथ पशुपालन अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की जानकारी दी। इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंस पालन के लिए 40 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’ भजन भी गाया। इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और उन्होंने बच्चों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। बाद में मुख्यमंत्री ने एक ग्रामीण परिवार के घर भोजन किया और कुकरू के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन, मुर्गी पालन और सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना की और पात्र किसानों की ई-केवाईसी शीघ्र पूरी कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से जोड़ने, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण इकाई के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।