मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज, शादी-तलाक से संपत्ति अधिकार तक बदल सकते हैं कई नियम

मध्य प्रदेश सरकार ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कर रहे हैं।

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  • Updated On - June 22, 2026 / 08:49 PM IST

भोपाल (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। भाजपा सरकार राज्य में एक समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए लगातार कदम बढ़ा रही है। इसके लिए गठित समिति विभिन्न कानूनों और सामाजिक पहलुओं का अध्ययन कर रही है तथा आम लोगों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं।

प्रस्तावित UCC के तहत शादी (Marriage), तलाक (Divorce), भरण-पोषण (Maintenance), संपत्ति अधिकार (Property Rights), उत्तराधिकार (Inheritance), गोद लेने (Adoption) और लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने पर विचार किया जा रहा है। वर्तमान में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लिए अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं, जिन्हें एक समान कानूनी ढांचे में लाने की तैयारी है।

मध्य प्रदेश सरकार ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कर रहे हैं। समिति को विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण, गोद लेने और लिव-इन संबंधों से जुड़े मौजूदा कानूनों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति उत्तराखंड और गुजरात के UCC मॉडल का भी अध्ययन कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित कानून में एनआरआई (NRI) विवाहों के पंजीकरण को लेकर सख्त प्रावधान किए जा सकते हैं ताकि विदेश में रहने वाले भारतीयों से जुड़े वैवाहिक विवादों में महिलाओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा हो सके। इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के कानूनी अधिकारों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सरकार UCC लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने जनता से सुझाव मांगने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है ताकि कानून तैयार करते समय विभिन्न वर्गों की राय शामिल की जा सके।

देश में उत्तराखंड पहले ही UCC लागू कर चुका है, जबकि गुजरात ने भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुजरात के प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों के लिए समान नियम, बहुविवाह पर रोक और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

राजनीतिक रूप से भी UCC को भाजपा के प्रमुख एजेंडों में शामिल माना जाता है। मध्य प्रदेश में इसकी तैयारी को राज्य सरकार के बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की राय लेने के बाद ही अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।